
शिमला। फोरलेन संघर्ष समिति ढली ने परवाणू-शिमला फोरलेन का दोबारा सर्वे करने की मांग की है। रविवार को दुर्गा मंदिर ढली में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि मौजूदा सर्वे की जद में ढली के करीब 135 भवन आ रहे हैं। 21 दिसंबर को संघर्ष समिति राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के समक्ष भी अपनी मांग उठाएगी और फोरलेन के लिए पुन: सर्वे की मांग रखी जाएगी। यदि मांग को नहीं माना जाता तो भूख हड़ताल की जाएगी।
संघर्ष समिति के सचिव सोहन जसवाल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में बने तीन से चार मंजिल के मकानों में करीब तीन हजार परिवार रह रहे हैं। राजधानी के विकास के लिए फोरलेन आवश्यक है लेकिन जीवन भर की जमा पूंजी से बनाए मकानों की शर्त पर फोरलेन निकाला जाए यह संघर्ष समिति को मंजूर नहीं है। उन्हाेंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 18, 19 और 20 दिसंबर को प्रभावित लोगों को उनकी आपत्तियां जानने के लिए बुलाया है। 21 दिसंबर को फोरलेन संघर्ष समिति प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखेगी। संघर्ष समिति ने तय किया है कि फोरलेन के पुन: सर्वे की मांग उठाई जाएगी। यदि पुराने सर्वे पर ही फोरलेन के लिए भू अधिग्रहण का प्रयास किया गया तो संघर्ष समिति भूख हड़ताल कर अपना विरोध दर्ज करेगी। बैठक में संघर्ष समिति के वरिष्ठ उप प्रधान कृष्णदत्त शर्मा, ढली वार्ड के पूर्व पार्षद संजय कुमार, पंडित बृजमोहन, सोहन सिंह वर्मा, गोपाल शर्मा, रतन शर्मा, पंकज गुप्ता, अनंतराम शर्मा, अंजू बाला और मनोरमा सूद आदि मौजूद रहे।
